बजट 2025: मध्यम वर्ग को राहत, किसानों के लिए नई योजनाएं, और रोजगार के अवसर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2025 में आयकर में छूट, कृषि सुधारों, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है।
परिचय:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें मध्यम वर्ग, किसानों, उद्योगों और स्टार्टअप्स को लाभ पहुंचाने वाले कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की है।
1. आयकर में राहत:
- नई कर छूट सीमा: आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर ₹12 लाख कर दिया गया है।
- कर स्लैब में बदलाव: 12 लाख से 24 लाख तक की आय पर 15% और 24 लाख से अधिक आय पर 30% टैक्स लगेगा।
- होम लोन पर टैक्स लाभ: नए घर खरीदने वालों को ₹5 लाख तक की अतिरिक्त कर छूट मिलेगी।
2. कृषि और ग्रामीण विकास:
- नई कृषि योजनाएं: दालों और कपास के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं।
- MSP में वृद्धि: प्रमुख फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 10-15% की वृद्धि की गई है।
- सिंचाई और बुनियादी ढांचे के लिए ₹1.5 लाख करोड़ का आवंटन।
3. औद्योगिक विकास और निवेश:
- स्टार्टअप और MSME के लिए रियायती कर: नए स्टार्टअप्स के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 15% कर दिया गया है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निवेश: रेलवे, हाईवे और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए ₹5 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
4. रोजगार और शिक्षा क्षेत्र:
- नई रोजगार योजनाएं: सरकार ने डिजिटल इंडिया और AI सेक्टर में 10 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है।
- शिक्षा और कौशल विकास: ITI और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में ₹20,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
5. वित्तीय घाटे और महंगाई नियंत्रण:
- सरकार ने वित्तीय घाटे को 4.4% तक सीमित करने का लक्ष्य रखा है।
- खाद्य और ईंधन सब्सिडी में वृद्धि की गई है ताकि आम जनता पर महंगाई का प्रभाव कम हो।
बजट 2025 आम भारतीय नागरिक के लिए राहत लेकर आया है। आयकर में कटौती से मध्यम वर्ग को बचत का मौका मिलेगा, किसानों को नई योजनाओं का लाभ मिलेगा, और रोजगार के नए अवसरों से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।